
दिलीप सिंह
समाज सेवा विरासत में मिली
राष्ट्रीय जनता दल जिला अध्यक्ष गोपालगंज
दिलीप सिंह का जन्म गोपालगंज जिले के बरौली प्रखंड में 15 अक्टूबर 1982 को हुआ, पिता उपेंद्र सिंह एवं माता उषा देवी से समाज सेवा दिलीप सिंह को विरासत में मिली ! शुरुआती शिक्षा दीक्षा बरौली से लेने के बाद स्नातक की शिक्षा गोपालगंज से प्राप्त की कुछ अलग करने की चाहत में दिलीप सिंह को प्रेरित किया की क्यों ना कुछ अलग किया जाए, मन में एक लालसा थी कि रोजगार के अवसर का सृजन किया जाए.
- 1997 में पोल्ट्री फीड डीलर के रूप में शुरुआत
- 2006 गोरखपुर में हैचरी लगाकर
- 2022 झारखंड में उत्पादन की शुरुआत
- 2023 गोरखपुर गिडा में नई हैचरी
- 2023 गोरखपुर गिडा में नई उत्पादन इकाई
लगभग 1 हजार लोगों को नौकरी तथा लगभग 20 हजार लोगों को स्वरोजगार से जोड़ चुके हैं, दिलीप सिंह आज गोपालगंज में एक युवा उद्यमी के साथ साथ एक सच्चे समाजसेवक के रूप में जाने जाते है
जीवन परिचय -
- दिलीप सिंह 3 भाई एक बहन है, बड़ी बहन सुनीता सिंह जो एक कुशल गृहणी है. दोनों भाई राजन सिंह निदेशक हरिओम फीडस, राजू सिंह निदेशक गंगोत्री हेचरी को कुशलता पूर्वक देख रहे है. दिलीप सिंह की शादी श्रीमती रीमा सिंह से 2001 में हुई वो निदेशक है हरिओम फीडस प्राइवेट लिमिटेड में.दो बच्चे ज्योति सिंह और पियूष राज अपनी पढ़ाई कर रहे है.
राजनीतिक परिचय -
राष्ट्रीय जनता दल की विचारधारा से प्रभावित होकर 2015 मैं राजनीतिक शुरुआत की, ऐसा नहीं है की दिलीप सिंह वह पहले व्यक्ति हैं जो इस परिवार से राजनीति में आया, उनके पिताजी उपेंद्र सिंह एक किसान नेता और माताजी बरौली से उप प्रमुख हैं तो आप कह सकते हैं कि समाज सेवा और सामाजिक समृद्धि की सोच दिलीप सिंह को अपने माता-पिता से ही मिला.
- 2015- मोहम्मद नेमतुल्लाह को जिताने में अहम भूमिका रही
- 2022- गोपालगंज से एमएलसी प्रत्याशी रहे, मात्र 17 वोटो से उपविजेता रहे .
- 2023- कुशल संगठन क्षमता को देखते हुए रजत ने गोपालगंज से जिला अध्यक्ष बनाया
- 2025- प्रत्याशी बरौली विधानसभा
समाज सेवा -
समाजसेवा दिलीप सिंह को विरासत में मिला, आज भी वह परम्परा कायम है
- हर साल लगभग 50 आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लड़कियों की शादी
- देवघर झारखंड में 2007 से निरंतर कांवरियों के लिए सेवा शिविर का संचालन
- हर साल बरौली विधानसभा में छठ पूजा के अवसर पर वस्त्र वितरण
- अबतक 50 लड़कियों की शादी अपने खर्चे से खुद से कन्यादान देकर इनके माता पिताजी करा चुके हैं।
- हरिओम जन सेवा संस्थान के माध्यम से बढ़िया बरौली में 100 बेड का अस्पताल संचालित है जहाँ पर बिना किसी शुल्क के इलाज किया जाता है
- प्रतिभावान छात्रों एवं खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप के माध्यम से मदद करते हैं दिलीप सिंह
सम्मान-
लगभग 1 हजार लोगों को नौकरी तथा लगभग 20 हजार लोगों को स्वरोजगार से जोड़ चुके हैं, दिलीप सिंह आज गोपालगंज में एक युवा उद्यमी के साथ साथ एक सच्चे समाजसेवक के रूप में जाने जाते है
- 2018- समाज सेवा के लिए आइकॉन ऑफ़ बिहार से सम्मानित किया गया
- 2019-प्राइड ऑफ़ सारण
- 2023-आत्म निर्भर बिहार
दिलीप सिंह सादगी,समर्पण,संवाद की दास्ताँ
हरी ओम जनसेवा संस्थान (बरौली-बढ़ेया)
विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता
- एक ही अस्पताल में अलग-अलग प्रकार के डॉक्टर उपलब्ध होने से हर बीमारी का इलाज आसानी से हो जाता है ।
- आपातकालीन स्थिति में त्वरित उपचार दुर्घटना, हार्ट अटैक, प्रसव (डिलीवरी), साँस की समस्या जैसी स्थिति में तत्काल इलाज मिल सकता है, जिससे मौत का खतरा कम होता है।
- बीमार व्यक्ति और उसके परिवार को शहर जाने में लगता समय, किराया और रहने का खर्च बचता है
- अस्पताल खुलने से गाँव में नई नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे – जैसे डॉक्टर, नर्स, फार्मासिस्ट, सफाईकर्मी, टेक्नीशियन आदि। इससे स्थानीय आर्थिक विकास होगा।
- गाँव के लोग अब स्वास्थ्य को लेकर अधिक जागरूक होंगे और समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवा सकेंगे, जिससे बीमारियाँ बढ़ने से पहले ही रोकी जा सकेंगी।
- गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का इलाज नज़दीक में ही हो सकेगा, जिससे स्वास्थ्य स्तर बेहतर होगा।
- एक्स-रे, ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी, स्कैन आदि सुविधाएँ गाँव में उपलब्ध होने से जाँच जल्दी और सस्ती हो जाएगी।
- गाँव में अस्पताल होने से लोगों में सुरक्षा और भरोसे की भावना बढ़ेगी कि "कोई भी समस्या हो, इलाज पास में मिल जाएगा।"